Swami Vivekanand की जयंती पर क्यों मनाते हैं राष्ट्रीय युवा दिवस

Swami Vivekanand की जयंती पर क्यों मनाते हैं राष्ट्रीय युवा दिवस

Swami Vivekanand– कल देश के युवाओं के लिए बहुत ही खास दिन है. हर साल 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर देश में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है. साल 1984 में युवा दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी। युवाओं का देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान होता है और भारत में युवाओं की इतनी आबादी को देखते हुए यह बेहद जरूरी हो जाता है कि युवाओं को सही मार्गदर्शन मिले. इस दिन को मनाने का मकसद युवाओं को प्रेरित करना है।

इस दिन देश में अनेक स्थानों पर Swami Vivekanand के सम्मान में अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. अनेक स्कूलों और कॉलेजों में Swami Vivekanand पर निबंध लेखन प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिता जैसी चीजें होती हैं.

Swami Vivekanand की जयंती पर क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस

दरअसल 12 जनवरी को 1863 को कोलकाता में Swami Vivekanand का जन्म हुआ था. उन्होंने युवाओं की शक्ति और सामर्थ्य को पहचानते हुए जो वक्तव्य कहें हैं वो आज भी युवाओं के दिलों दिमाग पर प्रभाव डालते हैं. देश के युवाओं पर Swami Vivekanand जी के प्रभाव को देखते हुए ही भारत सरकार ने वर्ष 1984 में 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने की घोषणा की थी. उसके बाद 12 जनवरी 1985 को पहली बार देश ने राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया था.

तब से हर साल 12 जनवरी को पूरा देश राष्ट्रीय युवा दिवस मनाता आ रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1984 को राष्ट्रीय युवा वर्ष भी घोषित किया था. इसका उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचारों और आदर्शों को हर युवा तक पहुंचाना है

क्या है राष्ट्रीय युवा दिवस 2024 की थीम

हर साल National Youth Day पर युवाओं को प्रेरित करने के लिए एक थीम निर्धारित की जाती है. इस बार वर्ष 2024 के लिए राष्ट्रीय युवा दिवस की थीम “It’s all in the Mind अर्थात् “सब कुछ आपके दिमाग में हैं” रखी गई है. युवा दिवस पर थीम निर्धारित करने का उद्देश्य भी युवाओं को प्रोत्साहित करना है. सरल शब्दों में कहा जाए तो अगर किसी से कुछ करने की ठान ली, तो उसे पूरा करने से आपको कोई नहीं रोक सकता। स्वामी विवेकानन्द की शिक्षा का मूल उद्देश्य युवाओं में नैतिक मूल्यों, शिक्षा और चरित्र विकास को बढ़ावा देने पर था. 

राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने का उद्देश्य

किसी भी देश का भविष्य वहां के युवाओं पर निर्भर करता है और भारत में युवाओं की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा है। देश के युवाओं को सही मार्गदर्शन कराने के मकसद से राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है और विवेकानंद जी के जन्मदिन पर इस दिन को मनाने का मकसद ही है उनके विचारों से युवाओं को प्रेरित करना क्योंकि युवाओं पर किसी अन्य महापुरुष की अपेक्षा सबसे अधिक प्रभाव स्वामी विवेकानंद के वचनों से पड़ता है.

Swami Vivekanand जी के वचन ना केवल युवाओं को प्रोत्साहित करते हैं बल्कि बड़े बूढों को भी उनसे प्रेरणा और जीवन की सीख मिलती है. अपने विचारों और आर्दशों के लिए मशहूर स्वामी विवेकानंद धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, सामाजिक विज्ञान, साहित्य सभी के ज्ञाता थे। इतना ही नहीं वह भारतीय संगीत के ज्ञानी होने के साथ ही एक बेहद अच्छे खिलाड़ी भी थे।

अपने विचारों और आर्दशों के लिए मशहूर स्वामी विवेकानंद धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, सामाजिक विज्ञान, साहित्य सभी के ज्ञाता थे। इतना ही नहीं वह भारतीय संगीत के ज्ञानी होने के साथ ही एक बेहद अच्छे खिलाड़ी भी थे। उनकी इन्हीं खूबियों की वजह से उनका व्यक्तित्व सभी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत रहा है उनकी इन्हीं खूबियों की वजह से उनका व्यक्तित्व सभी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत रहा है.

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