विश्व सामाजिक न्याय दिवस 2026: World Day of Social Justice केवल भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन महान विचारकों के सपनों को याद एवं साकार करने का दिन है जिन्होंने एक समान समाज की कल्पना की थी। विश्व सामाजिक न्याय दिवस हर साल 20 फरवरी को दुनिया भर मे मनाया जाता है। पहली बार वर्ष 2009 मे विश्व सामाजिक न्याय दिवस मनाया गया था। 20 फरवरी के इस खास मौके पर, ज्ञान दुनिया आपके लिए लेकर आया है सामाजिक न्याय पर आधारित कुछ ऐसे विचार और तथ्य, जो न केवल आपका ज्ञान बढ़ाएंगे बल्कि आपको प्रेरित भी करेंगे।
हमने पहले ही विश्व सामाजिक न्याय दिवस के इतिहास एवं महत्त्व पर लेख लिखा है साथ ही वर्ष 2026 के लिए विश्व सामाजिक न्याय दिवस की थीम पर भी लेख लिखा है, जिसे आप नीचे क्लिक करके पढ़ सकते हैं-
World Social Justice Day 2026: क्या है सामाजिक न्याय और भारतीय संविधान में इसके प्रावधान?
World Social Justice Day: विश्व सामाजिक न्याय दिवस का इतिहास, महत्व और इस वर्ष 2026 की थीम
विश्व सामाजिक न्याय दिवस 2026- संक्षिप्त परिचय
विश्व सामाजिक न्याय दिवस समाज में समानता, मानवाधिकार, गरीबी उन्मूलन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समर्पित है। इस दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2007 में की गई थी, और इसे पहली बार 2009 में 20 फरवरी को मनाया गया था। इस पहल के पीछे मुख्य भूमिका United Nations की रही है, जो वैश्विक स्तर पर न्याय और समानता को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आज के दौर में जब समाज में असमानता, बेरोजगारी और सामाजिक भेदभाव जैसी समस्याएँ मौजूद हैं, तब विश्व सामाजिक न्याय दिवस हमें जागरूक और सक्रिय होने का अवसर देता है। आज भी दुनिया में 10% से ज्यादा आबादी अत्यधिक गरीबी में जी रही है। जब तक संपदा और अवसरों का सही वितरण नहीं होगा, तब तक अपराध और अशांति को मिटाना संभव नहीं है। सामाजिक न्याय समाज के घावों को भरने का काम करता है। सामाजिक न्याय की अवधारणा से ही साम्यवाद का भी जन्म होता है। आज दुनिया भर मे साम्यवादी विचारधारा के बहुत सारे समर्थक देश हैं। जिनमे से रूस एक प्रमुख राष्ट्र है।
सामाजिक न्याय पर 10 अनमोल विचार (Quotes)
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डॉ. बी.आर. अंबेडकर: “न्याय वह है जो समाज में स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का संचार करे।”
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नेल्सन मंडेला: “गरीबी को दूर करना दान का कार्य नहीं है, यह न्याय का कार्य है।”
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महात्मा गांधी: “दुनिया में इतना कुछ है कि सबकी जरूरत पूरी हो सके, लेकिन इतना नहीं कि किसी एक का लालच भरा जा सके।”
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मार्टिन लूथर किंग जूनियर: “कहीं भी होने वाला अन्याय, हर जगह के न्याय के लिए खतरा है।”
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स्वामी विवेकानंद: “जब तक करोड़ों लोग भूख और अज्ञानता में जी रहे हैं, तब तक मैं उस हर व्यक्ति को गद्दार मानता हूँ जिसने उनकी कीमत पर शिक्षा पाई और उनकी परवाह नहीं की।”
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बराक ओबामा: “न्याय केवल कानून की किताबों में नहीं, बल्कि लोगों के दिलों और उनके व्यवहार में होना चाहिए।”
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जवाहरलाल नेहरू: “जब तक हम सामाजिक और आर्थिक न्याय सुनिश्चित नहीं करते, राजनीतिक आजादी का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाएगा।”
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अब्राहम लिंकन: “सभी के लिए न्याय और किसी के प्रति द्वेष नहीं।”
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मदर टेरेसा: “यदि हमारे पास शांति नहीं है, तो इसका कारण यह है कि हम भूल गए हैं कि हम एक-दूसरे के हैं।”
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अनाम: “समानता का अर्थ यह नहीं है कि सबके पास एक जैसी चीजें हों, बल्कि यह है कि सबके पास समान अवसर हों।”
विश्व सामाजिक न्याय दिवस के रोचक तथ्य (Interesting Facts)
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घोषणा का वर्ष: इस दिवस की घोषणा 2007 में हुई थी. इसे पहली बार मनाने के लिए किर्गिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव रखा था?
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ILO की भूमिका: अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) सामाजिक न्याय के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सबसे प्रमुख संस्था है।
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भारत का स्थान: भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) में ‘न्याय’ शब्द को रूस की क्रांति (1917) से प्रेरित होकर शामिल किया गया था।
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डिजिटल न्याय: 2026 में सामाजिक न्याय का एक बड़ा हिस्सा ‘डिजिटल समानता’ भी है, यानी इंटरनेट तक सबकी पहुँच सुनिश्चित करना।