National Women’s Day 2026- राष्ट्रीय महिला दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? जानें क्या है इसका महत्त्व

National Women's Day 2026

भारत में महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल ‘राष्ट्रीय महिला दिवस’ (National Women’s Day) मनाया जाता है। यह दिन भारत की महान स्वतंत्रता सेनानी, कवयित्री और भारत की नाइटिंगेल के नाम से मशहूर सरोजिनी नायडू की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। अक्सर लोग अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और राष्ट्रीय महिला दिवस के बीच भ्रमित हो जाते हैं। इस लेख मे हम इन दोनों महत्त्वपूर्ण दिवसों के अंतर को भी जानेंगे। इस लेख को पूरा अवश्य पढ़ें।

आइए विस्तार से जानते हैं कि यह दिन क्यों मनाया जाता है और इसके पीछे का गौरवशाली इतिहास क्या है।

कब मनाया जाता है राष्ट्रीय महिला दिवस?

भारत में राष्ट्रीय महिला दिवस सरोजिनी नायडू की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। भारत कोकिला सरोजिनी नायडू जी का जन्म 13 फरवरी 1879 को हैदराबाद में हुआ था। । उन्होंने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ीं। वे न केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी थीं, बल्कि एक प्रभावशाली कवयित्री और ओजस्वी वक्ता भी थीं। उनकी कविताओं और मधुर वाणी के कारण ही उन्हें ‘भारत कोकिला’ (Nightingale of India) के नाम से जाना जाता है। यह उपनाम उन्हे महात्मा गांधी जी ने दिया था।

स्वतंत्रता के बाद, वह उत्तर प्रदेश की पहली महिला राज्यपाल बनीं, जो किसी भी भारतीय राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। उनकी रचनाएँ जैसे ‘द गोल्डन थ्रेशोल्ड’ (The Golden Threshold) आज भी साहित्य जगत में बेहद लोकप्रिय हैं।

राष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है?

National Women’s Day मनाने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। यह दिवस भारत की नाइटिंगेल, भारत कोकिला और स्वतंत्रता की सेनानी सरोजिनी नायडू के सम्मान में मनाया जाता है। उन्होंने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ीं। यह दिन भारतीय महिलाओं द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में हासिल की गई उपलब्धियों का जश्न मनाने का अवसर है। चाहे वो राजनीति हो, विज्ञान हो, खेल हो या कला – महिलाएं हर जगह अपना नाम रोशन कर रही हैं।

National Women’s Day महिला सशक्तिकरण का संदेश देता है। यह दिवस समाज को याद दिलाता है कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। यह  दिवस लैंगिक समानता के महत्व को उजागर करता है और समाज को महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के खिलाफ जागरूक करता है। यह दिन समाज एवं सरकार को यह संदेश देता है समाज के संतुलित विकास के लिए महिला सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है।

सरोजिनी नायडू जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष और भारत की पहली महिला राज्यपाल भी बनीं। उनके अद्भुत योगदान और महिलाओं के प्रति उनकी समर्पणशीलता को देखते हुए, भारत सरकार ने उनकी जयंती 13 फरवरी को राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह निर्णय देश की सभी महिलाओं को प्रेरणा देने और उनका सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया था। हालांकि यह दिन राष्ट्रीय स्तर कब से मनाया जा रहा है, इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।

राष्ट्रीय महिला दिवस का महत्व

इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के योगदान को स्वीकार करना और उन्हें सशक्त बनाना है। यह दिन याद दिलाता है कि:

  1. महिलाएं देश के निर्माण और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।

  2. समाज में महिलाओं को Growth के लिए समान अवसर देने के लिए लैंगिक समानता (Gender Equality) लाना जरूरी है।

  3. सरोजिनी नायडू जैसी प्रेरणादायी महिलाओं के संघर्षों से नई पीढ़ी को सीख एवं प्रेरणा देना।

National Women’s Day पर बहुत से स्कूलों और कॉलेजों में महिला सशक्तिकरण पर निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं होती हैं। कई संस्थानों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों (जैसे विज्ञान, खेल, कला) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा सरोजिनी नायडू के विचारों और महिलाओं के अधिकारों के प्रति संदेश साझा किए जाते हैं।

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस में अंतर

अक्सर कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स या सामान्य जानकारी के लिए यह सवाल पूछा जाता है। लोगों मे भी अक्सर इस बात को लेकर कन्फ़्युशन हो जाता है क्योंकि नाम से दोनों लगभग एक जैसे लगते हैं । पर दोनों महत्त्वपूर्ण दिवसों मे अंतर है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल वैश्विक स्तर पर 8 मार्च को मनाया जाता है जबकि राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 13 फरवरी को केवल भारत मे ही मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पूरी दुनिया में महिलाओं की उपलब्धियों के जश्न के लिए मनाया जाता है जबकि राष्ट्रीय महिला दिवस केवल भारत मे भारत कोकिला एवं किसी राज्य की पहली महिला राज्यपाल (उत्तर प्रदेश) सरोजिनी नायडू के जन्मदिन पर मनाया जाता है।

अवश्य पढ़ें– Important Days in February 2026| फरवरी महीने में आने वाले सभी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण दिवसों की सूची

अक्सर पूछें जाने वाले प्रश्न 

प्रश्न: राष्ट्रीय महिला दिवस किसकी याद में मनाया जाता है?

उत्तर: यह दिन ‘भारत कोकिला’ के नाम से प्रसिद्ध महान स्वतंत्रता सेनानी और कवयित्री सरोजिनी नायडू की जयंती (जन्मदिन) के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

प्रश्न: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस में क्या अंतर है?

उत्तर: राष्ट्रीय महिला दिवस (National women’s Day – 13 फरवरी) विशेष रूप से भारत में सरोजिनी नायडू के सम्मान में मनाया जाता है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) पूरे विश्व में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है।

प्रश्न: सरोजिनी नायडू को ‘भारत कोकिला’ क्यों कहा जाता है?

उत्तर: उनकी कविताओं में लयबद्धता, मधुरता और ओजस्वी वाणी के कारण महात्मा गांधी ने उन्हें ‘नाइटिंगेल ऑफ इंडिया’ या ‘भारत कोकिला’ की उपाधि दी थी।

प्रश्न: पहली भारतीय महिला राज्यपाल कौन थी?

उत्तर: सरोजिनी नायडू स्वतंत्र भारत की पहली महिला राज्यपाल थीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रांत) के राज्यपाल के रूप में कार्य किया था।

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